
कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक ने वित्त वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक ने जमा, ऋण और कुल व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ परिसंपत्ति गुणवत्ता को भी नियामकीय मानकों के भीतर बनाए रखा है। यह जानकारी बैंक के अध्यक्ष प्रल्हाद कोकारे ने कॉसमॉस भवन स्थित मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
बैंक के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक उसका कुल व्यवसाय 44,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। पूरे वर्ष के दौरान कुल व्यवसाय में 5,366 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जो जमा संग्रह और ऋण वितरण, दोनों क्षेत्रों में स्थिर प्रगति को दर्शाती है।
जमा (डिपॉजिट) में 3,215 करोड़ रुपये की वृद्धि होकर यह 26,122 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, ऋण पोर्टफोलियो में 2,151 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ कुल एडवांसेस 17,878 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। बैंक ने इस वृद्धि का श्रेय रिटेल और छोटे ऋण (स्मॉल-टिकट लेंडिंग) पर निरंतर फोकस को दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के मानकों का पालन करते हुए बैंक ने अपने ऋण पोर्टफोलियो की संरचना भी संतुलित रखी है। 3 करोड़ रुपये तक के ऋण कुल क्रेडिट पोर्टफोलियो का 52.52 प्रतिशत रहे, जो निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक है। यह एमएसएमई, छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को समर्थन देने की बैंक की प्राथमिकता को दर्शाता है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर, 31 मार्च 2026 तक बैंक का सकल एनपीए (ग्रॉस एनपीए) 3.10 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए (नेट एनपीए) 0.90 प्रतिशत रहा। हालांकि ये आंकड़े अनऑडिटेड हैं, प्रबंधन के अनुसार यह चुनौतीपूर्ण ऋण वातावरण में प्रभावी जोखिम प्रबंधन और रिकवरी तंत्र को दर्शाते हैं।
भौगोलिक विस्तार के तहत बैंक ने वर्ष के दौरान गुजरात में 10 नई शाखाएं शुरू कीं, जिससे राज्य में कुल शाखाओं की संख्या 38 हो गई। वर्तमान में बैंक सात राज्यों में कुल 193 शाखाओं के साथ कार्यरत है। प्रबंधन ने विशेष रूप से दक्षिण भारत और पश्चिमी महाराष्ट्र जैसे उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में विस्तार पर जोर देने की योजना दोहराई।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपाध्यक्ष यशवंत कासार, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष मिलिंद काले, प्रबंध निदेशक अपेक्षित थिप्से सहित अन्य निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैंक नेतृत्व ने आगामी वित्त वर्ष में भी डिजिटल पहल, शाखा विस्तार और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के बल पर विकास की गति बनाए रखने का भरोसा जताया है। विकास, अनुपालन और परिसंपत्ति गुणवत्ता के बीच संतुलन के साथ कॉसमॉस बैंक का यह प्रदर्शन सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।



