
भारतीय रिज़र्व बैंक ने कर्नाटक के गोकाक स्थित श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड पर लगाए गए नियामकीय प्रतिबंधों को तीन माह के लिए और बढ़ा दिया है। अब ये प्रतिबंध 27 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
आरबीआई द्वारा यह निर्देश मूल रूप से सितंबर 2024 में बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए और 56 के तहत जारी किए गए थे, जो पहले 27 मार्च 2026 तक लागू थे। केंद्रीय बैंक ने इन्हें सार्वजनिक हित में बढ़ाने का निर्णय लिया है और यह आगे भी समय-समय पर समीक्षा के अधीन रहेंगे।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इन प्रतिबंधों के जारी रहने को बैंक की वित्तीय स्थिति के प्रति संतोष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। निर्देशों की सभी मौजूदा शर्तें और प्रावधान इस विस्तारित अवधि के दौरान यथावत लागू रहेंगे।
आमतौर पर इस प्रकार के नियामकीय कदम जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा और बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाते हैं।



