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महाराष्ट्र में ‘ए’ ग्रेड कोऑप्स करेंगे सरकारी ऋण योजनाएं लागू

महाराष्ट्र के मंत्री प्रकाश आबिटकर ने बुधवार को राज्य की सहकारी क्रेडिट सोसायटियों की वित्तीय स्थिरता और नियामकीय ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।

ये निर्णय सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए। बैठक में वित्तीय सुरक्षा, संचालन में सुगमता और क्रेडिट संस्थाओं को अधिक अधिकार देने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में सहकारी क्रेडिट सोसायटियों की जमा राशि पर बीमा कवर प्रदान करने की पहल शामिल है। इसके लिए सहकार आयुक्त कार्यालय द्वारा सरकारी और निजी बीमा कंपनियों से अभिरुचि अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित करते हुए सार्वजनिक सूचना जारी की जा चुकी है।

एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत, शहरी सहकारी क्रेडिट सोसायटियों से स्वर्ण ऋण लेने वाले उधारकर्ताओं को “नाममात्र सदस्य” का दर्जा देने के लिए सहकारी अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, जिससे ऋण प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सके। यह प्रस्ताव फिलहाल सरकार के विचाराधीन है।

सरकार क्रेडिट सोसायटियों को उनके वैधानिक तरलता अनुपात निधियों के उपयोग में अधिक लचीलापन देने पर भी विचार कर रही है। इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर कानूनी राय के लिए भेजा गया है, जिसके बाद इसे मंत्रिमंडल समिति के समक्ष रखा जाएगा।

छोटे और जरूरतमंद उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ‘ए’ ग्रेड सहकारी क्रेडिट सोसायटियों को विभिन्न विकास निगमों, जैसे अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम, सीएमईजीपी और पीएमईजीपी जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन की अनुमति देने की योजना बना रही है। वर्तमान में ये योजनाएं केवल बैंकों के माध्यम से संचालित होती हैं।

बैठक में महाराष्ट्र राज्य गैर-कृषि सहकारी पतसंस्थाएं नियामक मंडल, पुणे को और सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत सहकारिता मंत्री को मंडल का अध्यक्ष बनाने और अंशदान दर को 0.010% से घटाकर 0.005% करने सहित कई सुझाव सामने आए।

राज्य सरकार ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सहकारी क्रेडिट सोसायटियों की वित्तीय सुरक्षा और संस्थागत मजबूती सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि सोसायटियों की अधिकांश लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

बैठक में प्रमुख सचिव (सहकारिता) प्रवीण दराडे, सहकार आयुक्त एवं निबंधक दीपक तावरे, संयुक्त सचिव संतोष पाटिल तथा उप सचिव मंजूषा सालवी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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