
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति ने विभिन्न भारत सरकार की योजनाओं के तहत सहकारी बैंकों को सहभागी संस्थानों के रूप में शामिल करने की सिफारिश की है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि इस सिफारिश पर कई मंत्रालयों और विभागों ने पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित कुछ विभागों ने अपनी योजना दिशानिर्देशों में संशोधन कर सहकारी बैंकों को औपचारिक रूप से शामिल किया है।
साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और सहकारी बैंकों से भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से जुड़ने का अनुरोध किया है, ताकि शिकायतों की त्वरित रिपोर्टिंग और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक 600 से अधिक सहकारी बैंक I4सी प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आधार सक्षम भुगतान प्रणाली से सहकारी बैंकों को जोड़ने के लिए लगने वाली लाइसेंस फीस को लेनदेन की मात्रा से जोड़ते हुए कम किया गया है, जिससे सहकारी बैंकों को डिजिटल भुगतान सेवाओं से जुड़ने में सुविधा मिलेगी।



