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इफको एमडी का नववर्ष संदेश: मजबूत आधार, वैश्विक पहचान

इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने नववर्ष 2026 के अवसर पर इफको परिवार, सहकारी संस्थानों और देश के किसानों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने वर्ष 2025 के दौरान संगठन की मजबूत नींव और वैश्विक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने में योगदान देने वाले सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पटेल ने सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत सरकार के सशक्त समर्थन और “सहकार से समृद्धि” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दृष्टिकोण ने इफको जैसी सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाया है। उन्होंने किसान-केंद्रित नवाचार में इफको की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें नैनो उर्वरकों की बढ़ती स्वीकार्यता, नए उत्पादों का शुभारंभ, इनोवेशन हब की स्थापना तथा वर्ष 2026 तक ब्राजील में नैनो उर्वरक संयंत्र की स्थापना शामिल है।

उन्होंने इफको के सशक्त उत्पादन प्रदर्शन, ऊर्जा दक्षता और वित्तीय अनुशासन की भी सराहना की। किसानों के प्रति इफको की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पटेल ने लागत में कमी, सतत विकास, एग्रीकल्चर 2.0 और प्रौद्योगिकी आधारित विकास पर बल दिया, जो आत्मनिर्भर भारत और सहकारी मूल्यों के अनुरूप है- संपादक।

अंश

प्रिय मित्रो,

आप सबको नव वर्ष – 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!

नव वर्ष के शुभ अवसर पर मैं इफको परिवार के सभी सदस्यों, सहकारी समितियों, किसानों, भागीदारों तथा भारत और विदेशों में स्थित अपने सहयोगियों को हृदय से शुभेच्छाएँ देता हूँ। आने वाला वर्ष आप सबके जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, शांति, समृद्धि एवं नई ऊर्जा लेकर आए-यही मेरी कामना है। वर्ष 2025 के दौरान समिति को मिली उन महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं सफलताओं के लिए मैं आप सबके प्रति आभार व्यक्त करता हूँ, जिनसे इफको की बुनियाद और वैश्विक प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत हुई है।

इफको की यात्रा सदैव उद्देश्यपरकता, संस्थागत मजबूती और सामूहिक नेतृत्व के सिद्धांतों से प्रेरित रही है। हमें अपने मानव संसाधन एवं सहकारी भावना की शक्ति पर पूरा विश्वास है। हम सब मिलकर इफको की इस गौरवशाली विरासत को संजोते हुए उत्कृष्टता के नए प्रतिमानों की ओर निरंतर अग्रसर रहेंगे।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की “सहकार से समृद्धि” की सोच तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता  मंत्री श्री अमित शाह जी के ओजस्वी नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों के कारण हमारे देश में सहकारिता की भावना बलवती हुई है। सहकारी क्षेत्र को मिले निरंतर समर्थन तथा भारत में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के सफल आयोजन से राष्ट्रीय विकास में सहकारिताओं की केंद्रीय भूमिका और मजबूत हुई है। ये इफको जैसी संस्थाओं को किसानों एवं समुदायों की सेवा नए उत्साह और सामर्थ्य के साथ करने में सक्षम बनाती हैं।

हाल के वर्षों की ये उपलब्धियाँ किसान कल्याण, संस्थागत सत्यनिष्ठा और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति हमारे संगठन की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

बीते वर्ष ने नवाचार, सतत विकास एवं किसान-केंद्रित समाधानों की आपूर्ति में इफको के नेतृत्व को और सुदृढ़ किया है। नैनो उर्वरकों तथा विशेष उर्वरक उत्पादों-जैसे धरामृत तरल और धरामृत गोल्ड ग्रैन्यूल्स जिन्हें हाल ही में बेंगलुरु में लॉन्च किया गया है की बढ़ती स्वीकार्यता, सुदृढ़ उत्पादन प्रणालियों तथा व्यापक अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों के समर्थन से, पोषक तत्वों के दक्षता बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसी वर्ष, हमने इफको-नैनोवेंशंस, कोयंबटूर में एक इनोवेशन हब की स्थापना की, जो नवाचार के लिए समर्पित केंद्र है तथा किसानों के हित में नैनो प्रौद्योगिकी में स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पूरे इफको परिवार के लिए गर्व और सम्मान की बात है कि इफको के संयुक्त उपक्रम नैनोवेंशंस के माध्यम से ब्राज़ील में एक नैनो उर्वरक विनिर्माण संयंत्र जून 2026 तक परिचालन में आ जाएगा। मित्रों, ये पहलें केवल तकनीकी प्रगति नहीं हैं, बल्कि भारतीय कृषि की दीर्घकालिक सुदृढ़ता और समृद्धि में निवेश हैं। यह बात एक बार फिर सिद्ध हुई है कि जब सहकारिता नेतृत्व करती है, तो समृद्धि सुनिश्चित होती है।

देशभर में स्थित हमारे विनिर्माण संयंत्रों ने अनुशासित संचालन और सतत सुधार की संस्कृति के बल पर सुरक्षित, प्रभावी एवं विश्वसनीय प्रदर्शन किया है। 31 दिसंबर 2025 तक, हमारे संयंत्रों से 36.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया तथा 32.67 लाख मीट्रिक टन डीएपी/एनपीके/एनपी उर्वरक, अर्थात कुल 69.53 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उत्पादन किया गया है। इसके अतिरिक्त, हमारे नैनो उर्वरक संयंत्रों से नैनो यूरिया प्लस (तरल) की 179.95 लाख बोतलें तथा नैनो डीएपी (तरल) की 49.70 लाख बोतलें, कुल मिलाकर 229.65 लाख बोतल नैनो उर्वरकों का उत्पादन किया गया है। ऊर्जा संरक्षण, संसाधन दक्षता और लागत अनुकूलन के क्षेत्र में हुई प्रगति से मैं विशेष रूप से उत्साहित हूँ, जो पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के साथ-साथ परिचालन स्थिरता को भी सुदृढ़ करती है। विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के साथ मिलकर ये प्रयास इफको को सतत लाभप्रदता और स्थिर विकास की दिशा में सुदृढ़ स्थिति प्रदान करते हैं तथा सदस्यों और हितधारकों के विश्वास को मजबूत करते हैं।

मित्रो, हमारे हरेक निर्णय के केंद्र में हमारे किसान हैं। वर्ष 2026 में, हम आदान लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने तथा मिट्टी, बीज, वायु और जल के संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हैं। इफको के नैनो  उत्पाद कृषि के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी, वैज्ञानिक और जलवायु-अनुकूल दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। आने वाले वर्ष में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को और तीव्र करेंगे, ताकि नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर तथा हमारे विस्तारित नैनो उत्पाद प्रत्येक किसान के मन और खेत दोनों तक पहुँचे। इससे किसानों को व्यापक क्षेत्र प्रदर्शन, डिजिटल परामर्श सेवाओं और मजबूत साझेदारियों का लाभ प्राप्त होगा। प्रदर्शन, पारदर्शिता और मापनीय परिणामों के माध्यम से विश्वास जीतना हमारा ध्येय रहेगा।

कृषि – 2.0 के पथ पर आगे बढ़ते हुए हम संयंत्र संचालन और कृषि प्रथाओं में प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा-आधारित समाधानों के निरंतर एकीकरण को अपना रहे हैं। कम आदान में अधिक उत्पादन, सुदृढ़ कृषि प्रणाली और किसानों की आय में वृद्धि हमारा स्पष्ट और अडिग लक्ष्य है।

इफको के अभियंताओं, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सहकारी नेताओं तथा इफको के निदेशक मंडल के समर्थन के बिना यह सब संभव नहीं होता। मैं आप सबके समर्पण, टीम भावना और स्वामित्व भाव के लिए आपके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आपकी सामूहिक शक्ति ही इफको की निरंतर सफलता की सबसे बड़ी गारंटी है। हमारे सहयोगी संगठन एवं संयुक्त उपक्रम भारत तथा वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, जो सहकारिता आंदोलन को और अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं।

वर्ष 2026 में इफको, “सहकार से समृद्धि, आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर कृषि” की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप माननीय अध्यक्ष श्री दिलीप संघाणी जी एवं निदेशक मंडल के मार्गदर्शन और नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने, सतत कृषि प्रथाओं को प्रोत्साहित करने और सहकारी आंदोलन को सुदृढ़ करने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। “स्वदेशी मिशन” की भावना के अनुरूप यह एक ऐसा राष्ट्रीय आंदोलन है जो भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देता है और आयात निर्भरता को कम करता है। मुझे पूरा विश्वास है कि एकता, अनुशासन और नवाचार को अपनाकर हम चुनौतियों का सामना करते हुए उभरते अवसरों का लाभ उठाएंगे।

मित्रो, मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि वर्ष 2025 में हमने इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के 25 गौरवशाली वर्षों का उत्सव मनाया। यह इफको और जापान की प्रतिष्ठित कंपनी टोकियो मरीन निचिडो फायर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बीच साझेदारी का उत्सव था, जिसने ग्रामीण भारत के कल्याण के लिए एक सशक्त विरासत का निर्माण किया है।

भारतीय सहकारी आंदोलन के लिए वह अत्यंत गर्व का क्षण था जब सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा दिल्ली में “भारत टैक्सी” का सॉफ्ट लॉन्च किया गया। इस सेवा से 51,000 से अधिक चालक जुड़ चुके हैं। यह परिवहन क्षेत्र की विश्व की पहली राष्ट्रीय सहकारी संस्था है, जो पूर्णतः चालकों के स्वामित्व और संचालन में कार्य करेगी। सहकारिता की इस प्रेरक पहल से जुड़ना इफको के लिए अत्यंत सम्मान की बात है।

मित्रो, परिवर्तन एक ओर संस्थाओं की परीक्षा लेते हैं, वहीं दूसरी ओर वे नई शक्ति भी प्रदान करते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास  है कि हम साझा मूल्य, सामूहिक विवेक और सहकारी भावना के बल पर प्रत्येक चुनौती को अवसर में और प्रत्येक प्रयास को स्थायी सफलता में बदल देंगे।

आइए, नववर्ष 2026 में हम विश्वास, निरंतरता और समावेशी उद्देश्य के साथ इस यात्रा को आगे बढ़ाएँ। उत्कृष्टता, सेवा और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन लाखों किसानों और सहकारी सदस्यों के विश्वास को और सुदृढ़ करें जिन्होंने इफको पर भरोसा जताया है।
मैं आपको और आपके परिवारजनों को एक बार पुनः नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। यह नया वर्ष आपके लिए सुखद, समृद्ध और उद्देश्यपूर्ण सिद्ध हो।

के. जे. पटेल
प्रबंध निदेशक, इफको
1 जनवरी, 2026
नई दिल्ली

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