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नेफेड की 66वीं एजीएम में 15 प्रतिशत लाभांश की घोषणा

भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड) की 66वीं वार्षिक सामान्य निकाय बैठक (एजीएम) शुक्रवार को एनसीयूआई सभागार, नई दिल्ली में हुई।

इस बैठक में राजफेड, मार्कफेड-पंजाब, बिस्कोमान-बिहार, बंकस, दिल्ली स्टेट को-ऑप फेडरेशन और अहिल्या को-ऑपरेटिव सोसाइटी
फेडरेशन जैसे विभिन्न सदस्य समितियों और राज्य संघों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 558 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए नेफेड के अध्यक्ष डॉ बिजेंदर सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, नेफेड ने 264.51 रुपये करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो उल्लेखनीय है क्योंकि नेफेड 2010-2015 के दौरान अत्यधिक वित्तीय घाटे के अंधेरे दौर से गुजरा था।

उन्होंने हाल के वर्षों में संघ के असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए, निदेशक मंडल ने सदस्य संघों/सोसाइटियों को 15% का लाभांश देने की घोषणा की।

सिंह ने अपने स्वागत भाषण में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, अमित शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री, नरेंद्र सिंह तोमर और सहकारिता मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का वर्षों से नेफेड को उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन करने के लिए तथा और संघ की क्षमताओं में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया।

उन्होंने अल्प समय में सहकारी क्षेत्र में ठोस बदलाव लाने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों की भी सराहना की।

इस मौके पर कृभको और आईसीए (एशिया पेसिफिक) के अध्यक्ष, डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव और इफको और एनसीयूआई के अध्यक्ष, दिलीप संघानी ने भी नेफेड के स्थिर विकास में उनके समर्पित प्रयासों के लिए वरिष्ठ प्रबंधन की सराहना की।

नेफेड के प्रबंध निदेशक रितेश चौहान ने अपने मुख्य भाषण में साझा किया कि 24 अगस्त, 2023 को  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के नेफेड में आगमन ने नेफेड को कृषि विपणन गतिविधियों को बढ़ाने और दालों के आयात को घटाने के लिए अगले 7 वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये के कारोबार को प्राप्त करने के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया।

उन्होंने सदस्य समितियों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने में संघ का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया। नेफेड के व्यावसायिक प्रदर्शन पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट साझा करते हुए चौहान ने सूचित किया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान नेफेड ने 437.64 करोड़ के परिचालन लाभ के साथ
21,404.58 करोड़ का कारोबार किया था जिससे संघ को 264.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

नेफेड ने पीएसएस के तहत 17,120.49 करोड़ रुपये मूल्य के 30.44 लाख मीट्रिक टन तिलहन एवं दलहन की खरीदी की। इसके अतिरिक्त, नेफेड ने उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार की ओर से पीएसएफ के तहत 91.23 करोड़ रुपये मूल्य की 0.15 लाख मीट्रिक टन दालें खरीदीं। नेफेड ने 300.01 करोड़ रुपये मूल्य के तूर, मसूर और उड़द के कुल 40,383.490 मीट्रिक टन आयातित स्टॉक भी खरीदे।

इसके अलावा, बफर स्टॉक को बढ़ाने के लिए, नेफेड ने महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में 385.73 करोड़ रुपये मूल्य के 2.69 लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की।  नेफेड को 10,000 एफपीओ बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा चौथी राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में भी नामित किया गया था, और उसे वर्ष 2020-21 से 2022-23 में 28 राज्यों में 1167 एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य आवंटित किया गया था। 31 मार्च, 2023 तक, नेफेड ने 646 एफपीओ पंजीकृत किए थे, जिससे लगभग 2.06 लाख किसानों को सहायता मिली।

अंत में, नेफेड के उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने एजीएम के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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