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हम काम करना चाहते है पर कुछ सदस्य कार्य करने नही देना चाहते: जय भगवान

दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक की 30वीं आम बैठक में बैंक के अध्यक्ष श्री जय भगवान ने कहा कि  कुछ सदस्यों का व्यवहार असहयोगात्मक है। हमारे सहयोगी जब कभी भी सुझाव देंगे हम हमेशा उस पर गौर करेंगे। हम शिकायत को दूर तभी कर पाएंगे जब आप हमें सुझाव देंगे, भगवान ने कहा। 

दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक की 30वीं आम बैठक दिल्ली स्थित एनसीयुआई सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रुप में दिल्ली असेंबली सदस्य श्री योगानंद शास्त्री, ने भाग लिया। श्री भगवान ने अपने अध्यक्षीय भाषण में  बताया कि सदस्य कल्याण ट्रस्ट से मरणोपरांत मिलने वाली सहायता राशि को 5000 रुपए से बढ़ाकर 10000 रुपए कर दिया गया है।

श्री भगवान ने बताया कि  बैंक लगातार इस वर्ष भी लाभ अर्जित करने में सफल रहा है। वर्तमान में बैंक के सदस्यों की संख्या 57371 है। बैंक ने इस वर्ष अपने सदस्यों को 14 प्रतिशत लाभांश देने का निर्णय किया है जिसके लिए रिजर्व बैंक ने अनुमति दे दी है।

बैंक के एक सदस्य अखिलेश यादव ने सुझाव देते हुए कहा कि  बैंक को अपने कार्यशैली में थोड़ा सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बैंक को चाहिए कि वह सिक्योर लोन की जगह लोन को सिक्योर करे ताकि लोनी की अकाल मृत्यु होने पर उसके परिजनों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि सहकारिता की भावना तो केवल देवीय प्रवृत्ति के लोगों में ही होती है। इसलिए सहकारी कर्मचारियों के मन में कभी भी हीन भावना नही आना चाहिए। बैठक में भाग लेने वाले श्री भूदत्त शर्मा  ने बैंक के कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे सदस्यों के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें।

 

 

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