
केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) रवींद्र अग्रवाल ने महाराष्ट्र के बीड स्थित परिवर्तन अर्बन मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी को बंद करने का आदेश जारी किया है।
यह सोसायटी मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज़ अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत है, लेकिन इसके कामकाज को लेकर कई शिकायतें और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू), बीड ने 25 नवंबर 2022 को भेजे गए पत्र में अवगत कराया कि इस सोसायटी के खिलाफ महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच संबंधित जिलों की ईओडब्लू इकाइयों द्वारा की जा रही है। ईओडब्लू ने केंद्रीय रजिस्ट्रार से सोसायटी के लिए एक परिसमापक (लिक्विडेटर) या प्रशासक नियुक्त करने की सिफारिश की थी।
इसके अतिरिक्त, सात जमाकर्ताओं ने 24 दिसंबर 2024 को ईमेल के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराते हुए परिसमापक की नियुक्ति और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की थी।
इन शिकायतों के आधार पर सीआरसीएस कार्यालय ने 13 फरवरी 2023 को महाराष्ट्र सरकार के सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार को अधिनियम की धारा 108 के अंतर्गत निरीक्षण कराने हेतु पत्र भेजा। एक अनुस्मारक पत्र 2 जनवरी 2025 को भी जारी किया गया। साथ ही, ईओडब्लू बीड से सोसायटी के कामकाज पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया।
इसी बीच, 19 दिसंबर 2022 को सोसायटी को धारा 120 के तहत वार्षिक रिटर्न जमा नहीं करने को लेकर नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ।
15 जनवरी 2025 को महाराष्ट्र सरकार के सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार द्वारा भेजी गई निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि सोसायटी का मुख्यालय बंद पाया गया और सभी अभिलेख अनुपलब्ध थे, जिससे जांच पूरी नहीं हो सकी।
1 अप्रैल 2025 को सीआरसीएस कार्यालय द्वारा सोसायटी को निरीक्षण रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देने के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन वह अनडिलीवर्ड अंकित होकर वापस लौट आया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सोसायटी अपने पंजीकृत पते पर कार्यरत नहीं है, जो कि एमएससीएस अधिनियम, 2002 एवं सहकारी सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, केंद्रीय रजिस्ट्रार ने सोसायटी को बंद करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
इस संबंध में संबंधित पक्षों से अनुरोध किया गया है कि वे सीआरसीएस वेबसाइट पर अपलोड होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करें। यदि निर्धारित समयावधि में कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती, तो यह माना जाएगा कि सोसायटी के पास कोई सफाई नहीं है और आगे की कार्रवाई उसी अनुरूप की जाएगी।