
अहमदाबाद में आयोजित ‘मंथन बैठक’ को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारी बैंकों को केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लिए सहकारी बैंकों को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया जा सकता है। इससे वित्तीय वितरण प्रणाली में उनकी भागीदारी मजबूत होगी और योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।
शाह ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा वृद्धावस्था पेंशन जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की राशि सहकारी बैंकों के माध्यम से वितरित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्यकुशलता में सुधार होगा और जमीनी स्तर पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने “कोऑपरेशन अमंग्स्ट कोऑपरेटिव्स” के सिद्धांत पर बल दिया और सभी सहकारी संस्थाओं से अपने बैंक खाते जिला सहकारी बैंकों में संचालित करने की अपील की, ताकि सहकारी तंत्र और अधिक सशक्त बन सके।



