
भारत और जॉर्डन के बीच उर्वरक क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने अम्मान स्थित प्रधानमंत्री आवास पर जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन से सौहार्दपूर्ण भेंट की।
इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने उर्वरक उद्योग में विकास की संभावनाओं, नवीन तकनीकों के उपयोग, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, तथा सतत कृषि को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री जाफर हसन ने भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि “कृषि और उर्वरक क्षेत्र में साझेदारी दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्डन, जो विश्व के प्रमुख फॉस्फेट उत्पादक देशों में से एक है, भारत के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने जॉर्डन सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “इफको और जिफको के संयुक्त प्रयासों से आने वाले वर्षों में उर्वरक उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे भारत और जॉर्डन-दोनों देशों के किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि इस सहयोग से न केवल उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक के दौरान जिफको के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद के. थनीबत, इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल, उप प्रबंध निदेशक राकेश कपूर, और जॉर्डन सरकार तथा भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि इफको और जिफको के बीच संयुक्त उपक्रम के रूप में जॉर्डन में उर्वरक संयंत्र संचालित है, जो फॉस्फोरिक एसिड का उत्पादन कर भारत को निर्यात करता है। यह सहयोग भारत की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।



