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शाह ने एनयूसीएफडीसी को यूसीबी क्षेत्र के लिए बताया गेम चेंजर

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में शहरी सहकारी बैंकों के अम्ब्रेला संगठन, नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनयूसीएफडीसी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सहकारिता राज्यमंत्री बी एल वर्मा और डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इस मौके पर आरबीआई सेंट्रल बोर्ड के निदेशक सतीश मराठे, नेफेड के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, एनएस विश्वनाथन, पूर्व आरबीआई डिप्टी गवर्नर, एनसीयूआई डिप्टी सीई सावित्री सिंह, शहरी सहकारी बैंकों से जुड़े सहकारी नेता समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि जब तक सहकारी संस्थाओं के बीच सहकार और परस्पर आगे बढ़ाने की ताकत नहीं दी जाएगी, तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने कहा कि लगभग 20 साल के संघर्ष के बाद आज नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की स्थापना हो रही है और ये हम सबके लिए बहुत शुभ दिन है।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन को एक अंब्रेला, सहकारिता मंत्रालय के रूप में मिला है। शाह ने कहा कि सवा सौ साल तक सहकारिता क्षेत्र जूझता रहा और अपने अस्तित्व को बचाता रहा, लेकिन अब सरकारी व्यवस्था के सहयोग से ये द्रुत गति से चलेगा और देश के अर्थतंत्र में अपना सम्मान हासिल करेगा।

उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को जनआंदोलन के स्वरूप में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में विकास का पैरामीटर सिर्फ आंकड़े नहीं हो सकते, बल्कि देश के विकास में कितने लोगों की सहभागिता है, ये बहुत बड़ा पैरामीटर होना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि ये अंब्रेला संगठन समय की ज़रूरत था और सेल्फ-रेगुलेशन के लिए एक प्रकार की नई शुरूआत है।

उन्होंने कहा कि इस संगठन के बनने के बाद देश में अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का विकास कई गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी विश्वसनीयता के लिए बेहद ज़रूरी है कि हम खुद को अपग्रेड करें और भारतीय़ रिज़र्व बैंक के सभी नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि अगर हम ऐसा नहीं करते तो आने वाले समय में स्पर्धा में नहीं टिक सकेंगे।

शाह ने कहा कि अंब्रेला संगठन का एक प्रमुख काम बीआर एक्ट के लिए छोटे से छोटे बैंक को तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें हर शहर में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक खोलने का लक्ष्य रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज शुरू हुई ये संस्था मात्र एक अंब्रेला संगठन नहीं है बल्कि हमारी सारी समस्याओं के समाधान का गेटवे है।

उन्होंने कहा कि आम जनता के जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता कोई है तो केवल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक है। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम दुनिया का तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बनें, तब मोदी जी के मन में भी यह बात है कि आर्थिक विकास सर्वस्पर्शीय और सर्वसमावेशी हो।

उन्होंने कहा कि अगर हमें यह कॉन्सेप्ट के साथ आगे बढ़ना है तो हर गांव, शहर में युवाओं और स्टार्टअप को आगे बढ़ाना है, इसके लिए अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के सिवा कोई रास्ता नहीं है।

शाह ने कहा कि यह अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का अंब्रेला संगठन छोटे बैंकों का सुरक्षा कवच है, जिससे हमारे डिपॉजिटर्स का हम पर विश्वास भी बढ़ेगा और आने वाले दिनों में हमारे काम में भी बढ़ोतरी होगी।

नेफकॉब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष लक्ष्मी दास ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और अम्ब्रेला संगठन के माध्यम से ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को हासिल करने का संकल्प लिया।

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