एसवीसी बैंक का चुनाव संपन्न, परिणाम 22 जून को

देश में अर्बन कॉपरेटिव बैंकों की संख्या में तीसरे नंबर पर आने वाले शमराव विट्ठल कॉपरेटिव (एसवीसी) बैंक का चुनाव पिछले सप्ताह संपन्न हुआ। इस चुनाव में खड़े उम्मीदवारों ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर हल्ला बोला था। 

सूत्रो से पता चला है कि निदेशक मंडल के चुनाव परिणामों की घोषणा 22 जून को बैंक की 112 वीं वार्षिक आम बैठक के अवसर पर की जाएगी।

चुनाव के लिए मतदान पिछले रविवार को लगभग 80 मतदान केंद्रों के माध्यम से किया गया था। बैंक के करीब 1 लाख सदस्य हैं जो अपने मतदान का प्रयोग कर सकते हैंं। लेकिन कई अनुरोधों के बावजूद चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या भारतीय सहकारिता के साथ साझा नहीं की गई।

बैंक के अध्यक्ष उदयकुमार पी गुरकार भी चुनावी दंगल में है। विरोधियों ने वर्तमान बोर्ड पर गलत क्रियाकलापों में लिप्त होने का आरोप लगाया था। बैंक के एक निदेशक जो चुनाव में निर्दलीय खड़े थे, ने नाम न छापने की शर्त पर भारतीय सहकारिता को बताया कि, “इस चुनाव में आरोप-प्रत्यारोपों की झड़ी लगी हुई थी, सोशल मीडिया के जरिए भी सहकारी नेता एक दूसरे की छवि खराब करने में लगे हुए थें।

हालांकि चुनाव से संबंधित ब्यौरा पाने के लिए इस संवाददाता ने बैंक के प्रबंध निदेशक अजीत.ई.वेणुगोपालन को फोन किया लेकिन उन्होंने चुनाव से संबंधित विवरण साझा करने से साफ इनकार किया और फोन काट दिया। जब इस संवाददाता ने उन्हें बताया कि एमएससीएस अधिनियम की शर्तें के अनुसार मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक को चुनाव से संबंधित विवरण को बैंक की वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य होता है तो वे इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहे। बता दें कि एसवीसी बैंक एक मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक है और इसे चुनाव से संबंधित जानकारी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी चाहिए।  

एमडी ने चुनाव अधिकारी का संपर्क विवरण साझा करने से भी मना किया।

सूत्र का कहना है कि सेवानिवृत्त अधिकारी सुभाष पाटिल को चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। समीक्षा और नाम वापसी के बाद चुनावी दंगल में 22 उम्मीदवार रहे गये थें। इन 22 उम्मीदवारों में 17 उम्मीदवार जनरल श्रेणी, 3 महिला श्रेणी और 2 उम्मीदवार एससी/एसटी श्रेणी से थें।

वहीं इन 22 उम्मीदवारों में 15 उम्मीदवार एक ही पैनल से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि शेष 7 उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। बैंक की बोर्ड में 15 निदेशक होते हैं जिनमें 12 जनरल श्रेणी से, 2 महिला और एक एससी/एसटी श्रेणी से होता है।

पाठकों को ज्ञात होगा कि देश में अर्बन कॉपरेटिव बैंकों की संख्या में एसवीसी बैंक का स्थान सारस्वत कॉपरेटिव बैंक और कॉसमॉस सहकारी बैंक के बाद तीसरे स्थान पर आता है।

बैंक ने वित्त वर्ष 2017-18 में 25 हजार करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को पार किया है और 132 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। बैंक की करीब 10 राज्यों में 190 शाखाएं हैं। 

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