शिवालिक मर्केंटाइल कॉप बैंक: लाभ में कमी, व्यापार में वृद्धि

जब उत्तर भारत में सफल अर्बन कॉपरेटिव बैंकों की बात आती है तो उत्तर प्रदेश स्थित मल्टीस्टेट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक शिवालिक मर्केंटाइल कॉप बैंक का नाम ऊपर आता है। वित्त वर्ष 2017-18 में शिवालिक मर्केंटाइल कॉप बैंक के लाभ में गिरावट आई है लेकिन ये अपने व्यापार में वृद्धि दर्ज करने में सफल रहा, यह बात हाल ही में संपन्न एजीएम में साझा की गई।

“शिवालिक मर्केंटाइल कॉप बैंक ने वित्त वर्ष 2017-18 में 3.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है लेकिन पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में बैंक का लाभ 10.02 करोड़ रुपये था”, यह आंकड़े बैंक की 21वीं एजीएम के दौरान अनावरण किये गये थे।

बीस साल पुराना बैंक नई शाखाएं खोलने और आंतरिक प्रणालियों को मजबूत बनाने पर काम कर रहा है। बैंक का मुनाफा कम हुआ है लेकिन बैंक का कुल व्यापार संतोषजनक रहा है, बैंक के अध्यक्ष ने साझा बताया।

इस वित्त वर्ष में बैंक के शुद्ध एनपीए में भी वृद्धि हुई है। 2016-17 में बैंक का शुद्ध एनपीए 1.35 प्रतिशत था जो 2017-18 वित्त वर्ष में बढ़कर 1.45 प्रतिशत हो गया है। वहीं 2016-17 वित्त वर्ष में बैंक का सकल एनपीए 2.29 प्रतिशत था जो 2017-18 में घटकर 2.14 प्रतिशत हो गया है। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि कुल एनपीए परिद्दश्य खराब नहीं है।

बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस वित्त वर्ष कम लाभांश देने की घोषणा की है। बैंक अपने शेयरधारकों को 8% लाभांश देगा।

पिछले वित्तीय वर्ष में बैंक का कुल व्यापार बढ़ा है। 31 मार्च, 2018 को कुल डिपोजिट 953.39 करोड़ रुपये था, जो कि वर्ष 2016-17 में 916.97 करोड़ रुपये था। वहीं 31 मार्च 2018 बैंक का कुल ऋण और अग्रिम 611.61 करोड़ रुपये पर रुका जो कि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में 559.50 करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले बैंक के कुल व्यापार में वृद्धि हुई है और अपने व्यापार को 1,565.00 करोड़ रुपये तक लाने में सक्षम हुआ है।

31 मार्च 2018 तक, बैंक की उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 29 शाखाएं थी। बैंक जल्द ही दिल्ली और उत्तराखंड में शाखाएं खोलने की योजना बना रहा है।

बैंक ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की मदद करने के लिए माइक्रो फाइनेंस की सुविधा शुरू की है। बैंक ने 7,800 से अधिक एसएचजी को जोड़ा हैं जिनसे लगभग 95,000 व्यक्ति माइक्रो फाइनेंस सेवा में शामिल हैं।

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