एनसीडीसी: लिनाक की पहली बैठक दिल्ली में

लक्ष्मणराव इनामदार नेशनल एकेडमी फॉर को-ऑपरेटिव रिसर्च एंड डेवलपमेंट (लीनाक) की गवर्निंग काउंसिल की पहली बैठक शुक्रवार को दिल्ली में एनसीडीसी मुख्यालय में हुई। बोर्ड की बैठक में सभी सदस्य मौजूद थे।

बैठक में जाने से पहले सतीश मराठे ने भारतीय सहकारिता से बातचीत में कहा  कि “हमारी बैठक इससे पहले गुरुग्राम में लक्ष्मणराव इनामदार नेशनल एकेडमी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर हुई थी लेकिन वह एक अनौपचारिक प्रारंभिक बैठक थी”।

"पहली बैठक में कोई नीति नहीं तैयार की जाएगी लेकिन लक्ष्मणराव इनामदार नेशनल एकेडमी फॉर को-ऑपरेटिव रिसर्च एंड डेवलपमेंट (लीनाक) के दृष्टिकोण और मिशन पर चर्चा की जाएगी", मराठे ने बताया।

वैमनिकॉम और लिनाक के बीच अंतर को समझाते हुए, मराठे ने कहा कि  वैमनिकॉम ज्यादातर प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम करती है लेकिन लिनाक सहकारी आंदोलन में अनुसंधान और उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका उद्देश्य दुनिया के सहकारी क्षेत्र के मौजूदा दृष्टिकोण से सीखना और उनमे बदलाव लाना भी है।

एनसीडीसी के उप प्रबंध निदेशक डी.एन.ठाकुर को लिनाक के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। ठाकुर हाल के दिनों में सहकारी क्षेत्र में हो रही अधिक्तर गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

लिनाक की गवर्निंग काउंसिल में कृषि मंत्रालय के सचिव शोभना पटनायक को अध्यक्ष और सहकार भारती के संरक्षक सतीश मराठे को उपाध्यक्ष बनाया गया है।

बोर्ड में डॉ के जी कारमाकर, पूर्व प्रबंध निदेशक, नाबार्ड, प्रोफेसर (डॉ) वाराद्रराज बापट, आईआईटी मुंबई और रिटायर्ड कार्यकारी निदेशक, डॉ वी एस दास, जिन्होंने आरबीआई की तरफ से यूसीबी के लिए अम्ब्रेला संगठन पर नोट तैयार किया था, सरीखे लोग हैं।

अन्य सदस्यों में एम एस राधा सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस, सुश्री नीला गंगाधरन, रिटायर्ड आईएएस, पूर्व सचिव कानून और न्याय, भारत सरकार, बेंगलुरू और सीए रजीब साहू, सदस्य आईपीईएफ बोर्ड, कॉर्प अफेयर्स मंत्रालय, भुवनेश्वर शामिल हैं।

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