आईएफएफडीसी एजीएम में महिला सशक्तिकरण पर जोर

इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-आपरेटिव लिमिटेड (इफ्फको) द्वारा समर्थित बहु राज्य सहकारी समिति आईएफएफडीसी ने पिछले हफ्ते दिल्ली स्थित इफको मुख्यालय में अपनी 25वां एजीएम कार्यक्रम को आयोजित किया जहां इफ्फको के चेयरमैन बी एस नाकाई ने उदघोषणा की कि आईएफएफडीसी ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करेगी।

इफ्फको के प्रबंध निदेशक डॉ यू एस अवस्थी ने इस कार्यक्रम से संबंधित ट्वीट कर बताया कि इफको और इसकी सहायक कंपनियां ग्रामीण भारत और किसानों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं और आगे भी इस ओर सफलतापूर्वक काम करती रहेंगी।

गौरतलब है कि 1993 से आईएफएफडीसी बंजर भूमि के विकास  और सामूहिक कार्रवाई के जरिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में सक्रिय है। साथ ही इसका उद्देश्य पिछड़े हुए ग्रामीणों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारना भी है और इसकी रणनीति के केंद्र में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना रहा है।

बता दें कि आईएफएफडीसी देश के राज्यों में वनीकरण और ग्रामीण विकास परियोजनाओं पर जोर देती रही है और इसने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की सहायता से 30 परियोजनाएं को अबतक लागू किया है। लागू की गई ग्रामीण विकास परियोजनाओं में 229 करोड़ रुपये से अधिक राशि लगाई गई है। 

वहीं 1028 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार के साथ 178 सदस्यों द्वारा चलाई जा रही सहकारी समितियों ने आईएफएफडीसी के साथ मिलकर 230 सहकारी समितियों का विकास किया है जिसमें 38% सदस्य महिला है।

आईएफएफडीसी  ने खासकर स्व-सहायता समूहों को  बढ़ावा दिया है जिसमें 11,494 (92%) महिला सदस्य हैं।  साथ ही इसने 29,420 हेक्टेयर बर्बाद भूमि पर बीज उत्पादित कर अब तक लगभग 141 लाख पेड़ लगाए गए हैं।

बता दें कि इसके अन्य आंकड़े भी कम प्रभावशाली नहीं है जैसे कि आजीविका सुधार सुनिश्चित करना जिसमें 4.30 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं। साथ ही वाटरशेड विकास के तहत 15,667 हेक्टेयर में  जल संसाधन विकास के लिए 213 चेक डैम्स और 1025 तालाब का निर्माण कराया गया है।

अपने 25 वें एजीएम के अवसर पर मेहमानों को अपनी गतिविधियों के बारे में बताने के लिए एक प्रभावशाली प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था। अवस्थी और उनकी टीम सदस्यों को प्रोत्साहित करने के लिए सभी स्टालों पर गये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Facebook

Twitter