इफको: एमडी के तौर पर अवस्थी ने किया 25 साल पूरा

इफको एमडी डॉ यू.एस.अवस्थी ने इफको को उर्वरक कंपनी के रूप में न केवल पुर्न भासित किया है बल्कि पूरे देश में एक ग्रामीण आंदोलन की शक्ल के रूप में खड़ा कर दिया है। एमडी के रूप में 25 साल तक कार्यभार संभालने पर बोर्ड सदस्यों ने दिल्ली स्थित मुख्यालय में पिछले सप्ताह उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

अवस्थी को पद्म पुरस्कार देने संबंधित प्रस्ताव को पारित करते हुए बोर्ड के सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें जल्द से जल्द इस सम्मान से नवाजा जाए। इस अवसर पर बोलते हुए इफको अध्यक्ष बी.एस.नाकई ने कहा कि किसानों की मदद करने वालों में डॉ अवस्थी का नाम अग्रणी है उनके जैसा अभूतपूर्व काम करने वाले व्यक्ति भारत के इतिहास में बहुत कम हुए हैं।

अवस्थी ने 1993 में एमडी के रूप में कार्यभार संभाला था और इस तरक्की के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने 25 साल के कार्यकाल में अवस्थी ने इफको की 17 सहायक कंपनियों को खड़ा किया। समय से आगे चलने वाले अवस्थी ने नबे के दशक में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आईएफएफडीसी का निर्माण किया जो कि पर्यावरण और जंगल की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम था, ये बात इफको मार्केटिंग हेड, योगन्द्र कुमार ने अतीत को याद करते हुए भारतीय सहकारिता से कहा।

अवस्थी पर बातचीत करते हुए वरिष्ठ निदेशक आर.पी.सिंह ने कहा कि “वास्तव में वे कई पुरस्कार के हकदार है क्योंकि उन्होंने अपने कामकाजों से अमेरिकी राष्ट्रपति जैसे लोगों का ध्यान भी आकर्षित किया है”। सिंह ने यह बात अतीत में आईकेएसएल पर क्लिंटन की प्रशंसा का हवाला देते हुए कही।

योगेन्द्र कुमार ने बताया कि अवस्थी के नेतृत्व में इफको का उर्वरक उत्पादन 24 लाख टन से बढ़कर 86.5 लाख टन हुआ है और ये इस साल 1 करोड़ 30 लाख टन के आंकड़े को छूने पर है।

“हाल ही में, अवस्थी के प्रयासों के कारण ही भारत सरकार खाद आयात पर 23,000 करोड़ रुपये तक की बचत कर पाई। पूर्व में किए ओमइफको के साथ संयुक्त उद्यम के कारण ही ये संभव हो पाया; अोमइफको अवस्थी की पहल पर ही बना था”, कुमार ने जोड़ा।

शुरू से अवस्थी किसानों के सच्चे दोस्त रहे हैं और किसानों की मदद में उन्होंने कई प्रशंसनीय कार्य किए हैं, आर.पी.सिंह ने कहा। इफको-टोकियो, आईकेएसएल और हाल ही में शुरू की गई इफको-एमसी, इंडियन कॉपरेटिव डिजीटल प्लेटफार्म इनमें से कुछ उदाहरण हैं, सिंह ने गिनाया।

अवस्थी को इस अवसर पर बोर्ड सदस्यों ने सिल्वर प्लेट देकर सम्मानित किया और साथ ही सभी बोर्ड के सदस्यों ने व्यक्तिगत तौर पर उन्हें गुलदस्ता देकर बधाई दी।

भारतीय सहकारिता से बातचीत में अवस्थी ने कहा कि “हर दिन एक के बाद एक चुनौती आती है लेकिन हमारा प्रयास रहता है कि इफको को राजनीति और राजनितिज्ञों से कैसे दूर रखा जाए”। 1997 में सुरेन्द्र झाकड़ को अध्यक्ष बनाने और अजय चौटाला को रोकने में अपनी कामयाबी को वे बहुत महत्व देते दिखे।

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