इफको ने नैनो फर्टिलाइजर लैब का किया उद्घाटन

खेती में रसायनों के उपयोग को कम करने और उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से उर्वरक सहकारी संस्था इफको ने पिछले हफ्ते गुजरात स्थित अपनी कलोल इकाई में “इफको ताराफदार नैनो लैब” का उद्घाटन किया ।

इस खबर को इफको के प्रबंध निदेशक डॉ यू एस अवस्थी ने ट्वीट करके साझा किया। उन्होंने लिखा कि "मुझे साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैंने गुजरत स्थित कलोल संयंत्र में इफको ताराफदार नैनो उर्वरक लैब का उद्घाटन किया। यह इफको और देश के किसानों के लिए लाभकारी है। यह हमारे देश की मिट्टी के पोषण को बढ़ाने में भी मदद करेगा"।

हाल ही में चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में इफको के मार्केटिंग डायरेक्टर योगेन्द्र कुमार ने नैनो उर्वरक का जिक्र किया था और बताया था कि कैसे कम मात्रा में भी इसके प्रयोग से भूमि की जरूरतों को पूरी किया जा सकती है।"

अवस्थी के अलावा, इफको के निदेशक दिलीपभाई संघानी, मार्केटिंग डायरेक्टर योगेन्द्र कुमार और इफको के अधिकारियों और कई अन्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि नैनो के उपयोग से जहां एक ओर कीटनाशकों को भगाया जा सकता है वहीं किसानों द्वारा हो रहे उर्वरक- व्यय को भी कम किया जा सकता है। इसकी चर्चा मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए भी की जाती है।

इस नए संस्करण को सेंट्रल एरिड जोन रिसर्च इंसिटटयूट के डॉ जे सी तारफदार ने विकसित किया है।

पाठकों को याद होगा कि इफको ने हाल ही में चंडीगढ़ में एक महत्वाकांक्षी ई-कॉमर्स ऐप इफको इ-मंडी को लॉन्च किया था जिसका उद्देश्य करोड़ों किसानों को एक प्लेटफार्म पर जोड़ना है। साथ ही उन्हें एक ही शॉप (दुकान) के माध्यम से सभी वस्तुएं मुहैया कराई जाएगी। अब नैनो खाद इस मुहिम का एक खास आकर्षण होगा।

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