चुनौती भरे वर्ष में नेकॉफ ने किया नये एमडी को नियुक्त

नेकॉफ जिसने खरीद और कृषि से संबंधित क्षेत्र में नेफेड और एनसीसीएफ से बेहतर प्रदर्शन करने की कसम खाई थी इस साल कठिन परिस्थितियों से गुजर रही है। वित्तीय वर्ष 2017-18 नेकॉफ के लिए चुनौती भरा था लेकिन संकट से उबरने के लिए, अन्य प्रयासों के बीच संस्था ने नए एमडी की नियुक्ति की है।

नव नियुक्त एमडी एस.आर.के वर्शने ने संस्था को ऊंचाइयों तक पहुंचाने की कसम खाई है। “हम अपने कामकाज को अन्य क्षेत्रों में बढ़ा रहे हैं और इस श्रृंखला में हमारी गाजियाबाद शाखा पैन कार्ड का काम भी कर रही है और हम पांच राज्यों में केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना को निष्पादित कर रहे हैं,”उन्होंने कहा।

झारखंड उच्च न्यायालय में हालिया में ब्लैक लिस्टिंग मामले में विजय प्राप्त होने से एनसीसीएफ के पूर्व अध्यक्ष और नेकॉफ के वर्तमान चेयरमैन राम इकबाल सिंह के नेतृत्व वाली बोर्ड का मनोबल बढ़ा है, उन्होंने इस संवाददाता को बताया।

वित्त वर्ष 2017-18 में कारोबार में गिरावट आने की वजह से लाभांश वितरित नहीं किया गया। लेकिन कृषि सहकारी संस्था ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि शेष लाभांश अगले वित्त वर्ष दिया जाएगा। इस बात का खुलासा हाल ही में दिल्ली के श्यमा इंटरनेश्नल होटल में आयोजित नेकॉफ की 9वीं एजीएम में किया गया।

नेकॉफ के अध्यक्ष राम इकबाल सिंह ने कहा कि, “झारखंड सरकार ने हमें ब्लैकलिस्ट किया था जिसके कारण लगभग 35 करोड़ रुपये सरकार के पास लंबित है। झारखंड उच्च न्यायालय ने हाल ही में हमारे पक्ष में फैसला सुनाया है और हमें आशा है कि हमारा पैसा जल्द वापस मिलेगा। यह एक मुख्य कारण है कि हम वित्त वर्ष 2017-18 में अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पाए”, उन्होंने कहा।

एक अन्य कारण यह है कि मार्केट परिस्थिति कठीन होने की वजह से हम लक्षित बिक्री कारोबार को नहीं कर पाए जिसका प्रभाव हमारे लाभ पर पड़ा है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि अगले वित्त वर्ष 2018-19 में बेहतर प्रदर्शन के साथ आगे आएंगे, इकबाल ने कहा।

नेकॉफ ने वित्त वर्ष 2016-17 में 1173.39 करोड़ रुपये का बिक्री कारोबार किया था लेकिन वित्त वर्ष 2017-18 में कृषि सहकारी संस्था केवल 756 रुपये करोड़ का बिक्री कारोबार कर पाई है। संस्था का शुद्ध लाभ 421.29 लाख से सीधे गिरकर 0.62 लाख पर आ गया है।

सिंह ने यह भी कहा कि "वर्तमान में नेकॉफ की देश भर में 25 से अधिक शाखाएं और उप-शाखाएं हैं जिसमें अपने-अपने क्षेत्र के माहिर लोग काम कर रहे हैं। नेकॉफ ने राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गोवा जैसे विभिन्न राज्यों में अपने ब्रांड नाम से बीजों का उत्पादन शुरू कर दिया है। बीज का विपणन अपने चरम पर है", सिंह ने दावा किया।

सिंह ने कहा कि, "मुझे आपको यह सूचित करते हुए बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि कनाडा स्थित एनकैंटो पोटाश कॉर्पोरेशन हमारे साथ संपर्क में है और जल्द ही अपने उत्पादों को बेचने के लिए नेकॉफ के साथ जुड़ेगी।"

नेकॉफ ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ दूरदराज क्षेत्रों में अपना किसान केंद्र खोलने की योजना बना रही है ताकि किसानों को दैनिक जरूरतों के बारे में जानकारी मुहैया कराई जा सके, चेयरमैन ने बताया।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा बैठक में सुनील खत्री, रणजीत सिंह और नेकॉफ के अन्य बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे। नेकॉफ के उपाध्यक्ष एच एस गिरेवाल ने धन्यवाद ज्ञापन रखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Facebook

Twitter