आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव को अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा

क्रेडिट सहकारी क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में हुई वित्तीय अनियमितताओं को एबीपी न्यूज़ पर एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पुण्य प्रसून बाजपेयी ने उजागर किया है।

बाजपेयी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी पोंजी स्कीम चलाती है जिसमें दावा किया गया है जमाकर्ताओं का पैसा छह साल में दोगुना किया जाएगा लेकिन सरल भाषा में यह निवेशकों के साथ धोखा-धड़ी है। विडंबना यह है कि कुछ दिन पहले आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव ने अमेरिका के लास वेगास में “चैलेंज टू थींक” समीट में अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुत की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोसायटी ने 20 लाख से ज्यादा निवेशकों से 8400 करोड़ रुपये से अधिक इकट्ठा किया है और यह पैसा आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष मुकेश मोदी के दोस्तों और रिश्तेदारों द्वारा चलाई जा रही शेल कंपनियों में हस्तांतरित किया गया है।

भारतीय सहकारिता तमाम कोशिशों के वाबजूद भी मुकेश मोदी और आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्रबंध निदेशक राहुल मोदी से संपर्क साधने में विफल रही। हालांकि हमने सोसायटी की एक कर्मचारी एम एस ब्रिंदा से बात की थी जो छुट्टी पर थी और इसलिए किसी से बात कराने में वे असमर्थ थीं।

बात दें कि मुकेश मोदी सहकार भारती के राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष हैं। उनके भीतजे आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्रबंध निदेशक हैं जबकि वे खुद चेयरमैन हैं।

एबीपी न्यूज ने 31 मार्च 2018 की आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की बैलेंस शीट को आधार बनाकर आरोप लगाए हैं। शो के दौरान कुछ निवेशकों की भी प्रतिक्रिया दिखाई गई जिन्हें मैच्योरिटी डेट से पहले उनका पैसा नहीं दिया गया। इनमें ज्यादातर ऐसे निवेशक थे जो मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी से अपना पैसा वापस लेने के लिए गए थे।

आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की बैलेंस शीट की माने तो सोसायटी के बैंक में जमा सिर्फ 131.63 करोड़ रुपये हैं जबकि इसके पास 9639 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेशकों का पैसा है। रिपोर्ट के मुताबिक- बाकी पैसा कहां गया एक बड़ा  सवाल खड़ा करता है।

यह पैसा मुकेश मोदी के भाइयों, बहनों, बेटों, भतीजे और पूरे परिवारों के रिश्तेदारों की 59 फर्जी कंपनियों को ऋण के रूप में दिया है। आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव ने 1546 करोड़ रुपये का ऋण इन कंपनियों को दिया है, एबीपी न्यूज ने दावा किया।

“इतना ही नहीं मुकेश मोदी ने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के नाम पर 134 शेल कंपनियों की भी स्थापना की और इन कंपनियों को फिर से 2545 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया जो की निवेशकों की गाढ़ी कमाई का हिस्सा था", रिपोर्ट ने आगे बताया।

एबीपी न्यूज ने मुकेश मोदी को ललित मोदी और नीरव मोदी के जैसा बताया है और मोदी उपनाम का भी इशारे-इशारे में उपहास किया गया।

फिलहाल इन मीडिया रिपोर्टों के आने के बाद यदि आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ईमानदार है तो इसे अग्नि परीक्षा से गुजरना चाहिए। चूंकि ये लोग सहकार भारती से जुड़े हैं इसलिए अपनी साख बचाने के लिए सहकार भारती को भी प्रतिक्रिया जल्द जारी करनी चाहिए। 

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