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वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तोमर ने राज्यों के साथ बैठक की

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की गई हालिया पहलों पर विचार-विमर्श करने के लिए गत शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों साथ बैठक की।

बैठक में कृषि राज्य मंत्री– पुरुषोत्तम रूपाला और कैलाश चौधरीलगभग सभी राज्यों के कृषि मंत्री और कृषिसहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

तोमर ने 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन और संवर्धन के लिए नए परिचालन दिशानिर्देशों पर एक पुस्तिका जारी की। राज्यों के साथ बातचीत के दौरान प्रमुख कार्यान्वयन मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुएतोमर ने कहा कि लाख करोड़ रुपये के “एग्री इंफ्रा फंड” का उपयोग फसल उत्पादन की बर्बादी से बचने के लिए फसल के बाद के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किया जाएगाजो वर्तमान में कुल उपज का लगभग 15-20% है। उन्होंने कटाई के बाद के प्रबंधन से संबंधित व्यवहार्य परियोजनाओं में निवेश के लिए एक मध्यम-लंबी ऋण वित्तपोषण सुविधा जुटाने के लिए कृषि अवसंरचना कोष का उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसीसंतृप्ति अभियान सरकार द्वारा शुरू किया गया था और अत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वर्ष के अंत तक 2.5 करोड़ कार्ड जारी करने का लक्ष्य निर्धारित है।

पीएम-किसान योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 14.5 करोड़ ऑपरेशनल फार्म लैंडहोल्डिंग में सेपीएम-किसान के तहत अब तक लगभग 10.5 करोड़ का डेटा एकत्र किया गया है। 

वर्तमान में लगभग 6.67 करोड़ सक्रिय केसीसी खाते हैं। फरवरी 2020 में केसीसी संतृप्ति अभियान शुरू होने के बाद, लगभग 95 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैंजिनमें से 75 लाख आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि वर्ष 2023-24 तक कुल 10,000 एफपीओ का गठन किया जाना है और प्रत्येक एफपीओ को साल तक जारी रखना है। प्रस्तावित योजना की लागत रु.6,866 करोड़ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केसीसी के माध्यम से किसानों को कृषि अवसंरचना विकासएफपीओ को बढ़ावा देने और किसानों को ऋण सुविधाएं प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहायता/समर्थन प्रदान की जाएगी।

राज्य के कृषि मंत्रियों ने प्रसन्नता व्यक्त की कि अब केसीसी सुविधाएं पशुपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए भए लागू कर दी गई हैं। राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भारत सरकार की पहल की सराहना की और राज्यों में कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करनेएफपीओ के निर्माण और किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केसीसी के कवरेज को व्यापक बनाने की दिशा में केंद्र को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया।

कृषिसहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा कृषि अवसंरचना कोषकेसीसी संतृप्ति ड्राइव और नई एफपीओ नीति पर प्रस्तुतियां बनाई गई थीं।

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