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कानूनी दांव-पेंच में उलझा बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑप बैंक; 26 जून को सुनवाई

महाराष्ट्र स्थित बॉम्बे मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक कानूनी दांव-पेंच में उलझा गया है। बता दें कि बैंक के दिल्ली में एक शेयरधारक एडवोकेट बहार यू बारकी ने बैंक के अध्यक्ष ज़ीशान मेहदी और सीईओ शाह आलम के खिलाफ केंद्रीय रजिस्ट्रार के पास मामला दर्ज कराया है।

हालांकि इस मामले पर सुनवाई 12 मार्च 2020 को होनी थी लेकिन केंद्रीय रजिस्ट्रार के व्यस्त कार्यक्रम के चलते सुनवाई के लिये  24 अप्रैल 2020 की तारीख तय की गई थी। लॉकडाउन की वजह से सुनवाई फिर स्थगित हो गई थी।

अबइस मामले पर अगली सुनवाई 26 जून 2020 को होनी है

मामला अक्टूबर 2019 में हुए बैंक के चुनाव से संबन्धित है जिसमें मानमाने ढंग से नियमों को ताक पर रखते हुए उम्मीदवारों की मदद की गई थी

बारकी का आरोप है, ”चुनाव में अपनी पसंद के रिटर्निंग ऑफिसर को नियुक्त करकेबैंक के चेयरमैन मेहदी ने मेरे नामांकन पत्र को इस आधार पर रद्द करवा दिया कि मैं बैंक का डिफॉल्टर हूँ। यह पूर्व नियोजित तरीके से किया गया था क्योंकि मेहदी बोर्ड पर अपने ही लोगों को रखना चाहते थेउन्होंने आरोप लगाया।

यह सच है कि 2004 में मैंने बैंक की दिल्ली शाखा से ऋण लिया थालेकिन यह कहना गलत है कि मैंने भुगतान नहीं किया था। उस समयमेरी वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं थी और मैं कई किस्तों का भुगतान करने में विफल रहालेकिन कुछ दिनों के बाद बैंक ने बकाया राशि की वसूली के लिए एकमुश्त निपटान स्कीम की घोषणा की और मैंने अपने सभी बकाया का भुगतान कर दिया। 2004 से लेकर 2019 तक बैंक ने कोई आपत्ति नहीं जताई कि मैं बैंक का डिफॉल्टर हूंबरकी ने पूछा।

बैंक के सीईओ शाह आलम पर आरोप लगाते हुए बारकी ने कहा, “उनके बेटे डॉ मिस्बाह आलम खान जिन्होंने सदस्यता के तीन साल पूरे नहीं किए हैं तो उन्हें किस आधार पर बैंक का निदेशक बनाया गया है। वह मुंबई में रहते हैं लेकिन खान ने चुनाव हैदराबाद से लड़ा।उन्होंने कहा कि मेहदी और आलम को लगता है कि बैंक उनकी व्यक्तिगत जागीर है।

बारकी ने आगे आरोप लगाया कि 2016 में निरीक्षण के दौरानअपनी जांच रिपोर्ट में आरबीआई ने स्पष्ट रूप से मेहदी को डिफॉल्टर बताया हैलेकिन वह नियमों को ताक पर रखते हुए लगातार बैंक का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने बैंक को हाईजैक कर लिया है।

“भारतीयसहकारिता” द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने में विफलमेहदी ने कहा, मामला केंद्रीय रजिस्ट्रार के पास है और हम उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा”

बॉम्बे मर्केंटाइल कोऑपरेटिव की विभिन्न राज्यों में कुल 52 शाखाएं हैं। बैंक का कुल कारोबार 5,000 करोड़ रुपये का है।

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