सहकारी सफलता की कहानियां

अलीबाग स्थित आदर्श नागरी सहकारी पतसंस्था विकास पथ पर

महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित आदर्श नागरी सहकारी पाटसंस्था ने वर्ष 2020 तक 350 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने की योजना बनाई है। “यह बहुत बड़ा लक्ष्य नहीं है और इसे हम आसानी से हासिल कर सकेंगे”संस्था के अध्यक्ष सुरेश पाटिल ने आत्मविश्वास के साथ कहा।

पाटिल ने कहा, “चूँकि हमने 2018-19 के वित्तीय वर्ष में लगभग 250 करोड़ रुपये का कारोबार किया है लेकिन हम वर्ष 2020 तक 350 करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय करने की योजना बना रहे हैं।”

एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में पाटिल ने कहा, ‘अब हम वर्ष 2020 तक 200 करोड़ रुपये के डिपॉजिट बेस और 150 करोड़ रुपये के लोन और एडवांस हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। अपने कारोबार के क्षेत्र का विस्तार करने के लिए हम वर्तमान वित्त वर्ष में रायगढ़ जिले में तीन और शाखाएं खोलेंगे”, उन्होंने कहा।

यूसीबी का जमा 109 करोड़ रुपये से बढ़कर 142 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2018-19 में ऋण और अग्रिम 79 करोड़ रुपये से बढ़कर 104 करोड़ रुपये हो गया। संस्था ने 2.30 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ भी अर्जित किया है।

वर्तमान मेंसंस्था की रायगढ़ जिले में शाखाएँ हैं। वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में बैंक का सकल एनपीए थोड़ा कम हुआ है। सकल एनपीए 1.32 प्रतिशत है।

बैंक बाजार में अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए नई तकनीक अपनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

अभी कोर बैंकिंग सॉल्यूशन की स्थापना चल रही है और उम्मीद है कि यह कुछ महीनों में पूरा हो जाएगा। दूसरी ओरहम अन्य सुविधाओं के अलावा मोबाइल ऐप पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं”, पाटिल ने उल्लेख किया।

जनवरी में सोसायटी ने लगभग 10,000 वर्ग फीट के क्षेत्र में फैले नए विशाल भवन में अपने कार्यालय को स्थानांतरित कर दिया है।भवन निर्माण पर कुल खर्च लगभग करोड़ रुपये था और यह मंजिला इमारत हैइसकी जानकारी पाटिल ने दी जो संस्थापक अध्यक्ष हैं।

आदर्श नागरी सहकारी पाटसंस्था की स्थापना 1998 में हुई थी और बहुत कम समय में संस्था ने अच्छा प्रदर्शन कने में सक्षम है।लगभग हजार अंशधारक संस्था से जुड़े हैं।

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