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सबसे बड़ा सहकारी चुनाव: इफको के एमडी का पूरा साक्षात्कार

भारतीय सहकारिता ने इफको चुनाव से जुड़ा इफको के एमडी डॉ यू.एस.अवस्थी का साक्षात्कार का एक अंश दिखाया था। लेकिन अब हम अपने पाठकों के लिए पूरा साक्षात्कार पेश कर रहे हैं। इफको से 36 हजार से अधिक सहकारी समितियां जुड़ी हैं।

डॉ. अवस्थी ने साक्षात्कार के दौरान कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने चुनाव-प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इफको द्वारा किए गए प्रयास के बारे में बताया। “चुनाव में एक दिन की भी देरी नहीं हुई थी और परिणाम तुरंत वैप पर साझा किया गया था”, एमडी ने चुनाव में उच्चतम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई तकनीक के उपयोग के बारे में बताते हुए कहा। उन्होंने आगे कहा कि, “हमारे द्वारा उठाए गए ठोस कदमों के कारण ही आरजीबी चुनावों में कोई भी हेराफेरी नहीं हुई थी।”

एमडी ने यह भी कहा कि वह यदि ‘चुनाव प्राधिकरण’ अस्तित्व में होता तो वे उसकी मदद लेना पसंद करते (सीएए-97 एक तटस्थ चुनाव निकाय की व्यवस्था करता है), लेकिन इफको का अपना एक रिटर्निंग ऑफिसर हैं जो सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ-साथ पूर्व न्यायाधीश भी हैं। “वह उतने ही अच्छे और निष्पक्ष हैं जितना एक ‘चुनाव प्राधिकरण’ हो सकता है”, डा. अवस्थी ने दावा किया। आरजीबी चुनावों में देश के किसी भी कोने से एक भी शिकायत नहीं आने के तथ्य के आधार पर उन्होंने आश्वासन दिया कि चुनाव प्रक्रिया में उनका हस्तक्षेप “शून्य” है।

किसी न किसी बहाने कुछ सहकारी कार्यकर्ताओं को नामांकन-पत्र नहीं दिये जाने (सहकारी चुनावों में यह सामान्य बात है) के मुद्दे पर एमडी ने कहा कि प्रत्येक सीट के लिए 12 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे। यहां तक कि बोर्ड के चुनाव में भी प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक नामांकन-पत्र भेजे गए हैं जिन्हें अपना भाग्य आजमाना है वो आजमा सकते हैं।

यही नहीं, इफको ने मतदाता सूची की 1200 से अधिक प्रतियां को राज्य निर्वाचन कार्यालय को भेजा है जिसे कोइ भी इच्छुक व्यक्ति 100 रुपये के मामूली मुल्य पर खरीद सकता है।

इस बार महिलाओं के बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने पर भी डा. अवस्थी उत्साहित थे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कई महिला सहकारी समितियों के हिस्सा लेने से चुनाव रोचक बन गया है। इस बार महिला सहकारी समितियों से लगभग 46 महिलाएं चुनी गयी हैं, लेकिन उनको यकीन है कि अगले चुनाव तक यह संख्या 50 से कम नहीं होगी।

एमडी ने संस्था की सुचिता के लिए भी अपनी चिंता प्रकट की। इफको ने एक लंबा रास्ता तय किया है और एक सफल सहकारी संस्था के रूप में गर्व से खड़ा है। इसलिए प्रचार और अभियान का एक उचित स्तर बानाये रखाना जरूरी है, उन्होंने महसूस किया।

अब हम पूरा साक्षात्कार आपके सामने पेश कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग के दौरान हुई कुछ तकनीकी गड़बड़ियों पर हमें खेद है। हमने उन तकनीकी गड़बड़ियों को सही करने की कोशिश की है जहां ध्वनि साफ नहीं है। इस विस्तृत लेख में भी डॉ अवस्थी के संदेश को स्पष्ट करने की कोशिश की गयी है।

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